Kar Har Maidaan Fateh Hindi Lyrics | Song Review | Sanju | Ranveer Kapoor

Kar Har Maidaan Fateh Hindi Lyrics | Song Review | Sanju | Ranveer Kapoor

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आज हम आपके लिए Sanju movie का Kar Har Maidaan Fateh lyrics and review Hindi में लाए हैं। संजू फिल्म, जिसने हाल ही में सिनेमाघरों में तहलका मचा दिया है। उसी सिनेमा का यह गाना "कर हर मैदान फतेह" के बारे में आप पढ़ने वाले है। इस फिल्म में संजू का किरदार निभाने वाले अभिनेता Ranbir Kapoor ने अपनी अदायगी से सबका दिल जीत लिया है। Kar Har Maidan Fateh singers name Sukhwinder Singh and Shreya Ghoshal है। और Rajkumar Hirani ने direct किया है।

Kar Har Maidaan Fateh Song Review In Hindi

Sanju movie का गाना Kar Har Maidaan Fateh एक प्रेरणादायक Song हैं। जिसमे Sanjay Dutt ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई लड़ते नजर आ रहे है। संजय दत्त की भूमिका निभा रहे Ranveer Kapoor ने, इस गाने में संजय दत्त की भावनात्मक यात्रा को बखूबी निभाया है। संजय दत्त अपनी माँ के निधन के बाद नशे की लत को दूर करने की कोशिश करते हुए, कई परिस्थितियों से गुजरते हैं। वही Nargis Dutt की भूमिका में Manisha Koirala और Ranbir Kapoor के बीच माँ-बेटे के Emotional सीन हैं। Film के निर्देशक Rajkumar Hirani ने Film के इस गाने को social handle Twitter के जरिये share किया है। इस गाने में शुरू से लेकर, जेल से रिहा होने तक के कई सीन दिखाए गए हैं। तो चलिए पढ़ते हैं कर हर मैदान फ़तेह लिरिक्स हिंदी में।

Song details

  • Song title - kar Har Maidaan Fateh
  • Movie - Sanju
  • Singers - Sukhwinder Singh, Shreya Ghoshal
  • Music - Vikram Montrose
  • Lyrics - Shekhar Astitwa
  • Music Lable - T Series

Kar Har Maidaan Fateh Lyrics In Hindi

पिघला दे जंजीरे
बना उनकी शमशीरे
कर हर मैदान फतेह ओ बंदेआ
कर हर मैदान फतेह

घायल परिंदा हैं तू
दिखला दे जिंदा है तू
बाकी हैं तुझमे हौंसला
तेरे जुनून के आगे
अम्बर पनाहे मांगे
कर डाले तू जो फैसला

रूठी तकदीरें तो क्या
टूटी शमशीरे तो क्या
टूटी शमशीरे से ही हो...

[कर हर मैदान फतेह
कर हर मैदान फतेह
कर हर मैदान फतेह रे बंदेआ
हर मैदान फतेह] (×2)

इन गर्दिशों के बादलो पे चढ़के
वक्त का गिरबान पकड़ के
पूछना हैं जीत का पता
जीत का पता...
इन मुठ्ठियों में चाँद तारे भरके
आसमां की हद से गुजर के
हो जा तू भीड़ से जुदा
भीड़ से जुदा
भीड़ से जुदा

कहने को जर्रा हैं तू
लोहा का छर्रा हैं तू
टूटी शमशीरों से ही हो...

[कर हर मैदान फतेह
कर हर मैदान फतेह
कर हर मैदान फतेह रे बंदेआ
हर मैदान फतेह] (×3)

तेरी कोशिश ही कामयाब होगी
जब तेरी ये जिद आग होगी
फूंक ये नाउमीदिया, नाउमीदिया
तेरे पीछे-पीछे रास्ते ये चलके
बाहों के निशानो में ढलके
ढूंढ लेंगे अपना आशि
अपना आशियाँ, अपना आशियाँ

लम्हो से आँख मिलाके
रख दे जी जान लगा के
टूटी शमशीरों से ही हो...

कर हर मैदान, हर मैदान
हर मैदान... हर मैदान...

[कर हर मैदान फतेह
कर हर मैदान फतेह
कर हर मैदान फतेह रे बंदेआ
हर मैदान फतेह] (×3)

कर हर मैदान फतेह रे बंदेआ
हर मैदान फतेह...

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