अल्का याग्निक की जीवनी। Singer Alka Yagnik Life Story In Hindi

अल्का याग्निक की जीवनी। Singer Alka Yagnik Life Story In Hindi

Singers biography in Hindi की श्रेणी में आज हम आपके लिए अलका याग्निक की जीवनी (Singer Alka Yagnik biography in Hindi) लाए हैं। पिछली बार आपने उदित नारायण की जीवनी हिंदी में पड़ी थी। इन दोनों ही महान गायकों ने, कई सारे यादगार गीत साथ में गए हैं।
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Bollywood की प्रसिद्ध पार्श्वगायिका अलका याग्निक Melody queen नाम से भी जानी जाती है। इन्होंने पूरे तीन दशकों तक सफल गायकी की है। और हिंदी सिनेमा में सबसे ज्यादा गाने record करने वाली पांचवी गायिका बनी है। 1980 से अब तक वे गायन कि दुनिया में सक्रिय है। लेकिन अब वह कम गाने गाती है। उनके हिसाब से, आज के गानों में वह मधुरता नहीं है। जो पुराने गानों में हुआ करती थी। और वह सिर्फ मधुर गाने गाने चाहती हैं। तो चलिए अब आपको विस्तार से बताते हैं Singer Alka Yagnik Life Story In Hindi.

Alka Yagnik Life History In Hindi

अलका याग्निक का जन्म 20 मार्च 1966 को, पश्चिम बंगाल के कलकत्ता (कोलकता) में गुजराती परिवार में हुआ था। उनकी मां का नाम Shobha Yagnik है। पिता के नाम की जानकारी किसी के पास नहीं। उनका एक भाई भी है। जिनका नाम Sameer Yagnik है। शोभा याग्निक भी एक शास्त्रीय गायिका थी। तो इस वजह से उन्हें गायन का प्रशिक्षण अपनी मां से ही मिला। अलका जी का संगीत की तरफ रुझान देखकर, उनकी मां ने उन्हें संगीत सिखाने का फैसला किया। और बेहद ही कम उम्र से उन्हें संगीत की शिक्षा मिली। उन्होंने Mordern High School for girls kalkata से पूरी की। मात्र 6 वर्ष की आयु में उन्होंने redio में बार गाना, गाना शुरू कर दिया। 10 साल की उम्र तक Alka Yagnik संगीत में पारंगत हो चुकी थी। तब उनकी मां शोभा जी उन्हें अपने साथ Bombay (Mumbai) ले आई। और अलका के careergraph को बढ़ाने के प्रयास शुरू कर दिए। कई प्रयासों के बाद, उन्होंने राज कपूर से मिली। Raj Kapoor उन दिनों बॉलीवुड का चमकता सितारा थे। चमकते सितारे को Alka Yagnik की आवाज पसंद आ गई। तब राजकुमार, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के पास अलका जी के सिफारिश लेकर पहुंचते हैं। Lakshmikant Pyarelal उन दिनों एक जाने-माने Music director हुआ करते थे। इन्हें भी अलका जी की आवाज पसंद आ गई। तब उन्होंने अल्का जी को दो ऑफर दिए। कि या तो वो dubing artist के रूप में अभी से काम करे। या फिर आवाज के परिपक्व होने का इंतज़ार करे। तब शोभा जी ने इंतजार करना ही बेहतर समझा। मुख्य गायिका के तौर पर उन्होंने 14 वर्ष की आयु में film "पायल की झंकार" का गाना "थिरकती अंग लचक झुकी" गाया था। और यहीं से उनकी शुरुआत हुई।

Alka Yagnik Husband

1989 में shillong के मशहूर businessman नीरज कपूर से शादी की। दोनों के काम अलग अलग होने के कारण, यह दोनों साथ में नहीं रहते। शादी के बाद काम की वजह से अलका ज्यादातर मुंबई रहती थी। और नीरज business की वजह से शिलांग में रहते थे। यह दोनों अपने काम से वक्त निकाल कर एक दूसरे से मिला करते थे। इसी बीच उन्हें एक बेटी हुई। यह सिलसिला काफी लंबे समय तक चला। और काफी सोच विचार कर दोनों ने अपने काम को प्राथमिकता देते हुए। अलग अलग रहने का फैसला किया। नीरज और अलका की पहली मुलाकात 1986 में दिल्ली के रेलवे स्टेशन में हुई थी। Neeraj Kapoor, Shobha Yagnik के दोस्त के भतीजे थे। जो उन्हें वहां लेने आए थे। ये छोटी सी मुलाकात उनके रिश्ते की नीव बनी। और आखिरकार उन्होंने एक होने का फैसला कर लिया।

Alka Yagnik Daughter

अलका याग्निक की बेटी का जन्म 1989 में हुआ है। जिनका नाम सायेशा कपूर है। ये एक Entrepreneur के है। ये मुंबई में ही अपनी मां के साथ रहती है। बचपन में उन्होंने फिल्म school में admission लिया था। लेकिन एक महीने बाद उन्हें समझ आ गया कि वे acting नहीं कर सकती। उन्होंने singing की भी Training लेनी चाही। लेकिन सिर्फ एक दिन की Training के बाद इसे भी छोड़ दिया। उनका कहना है कि उनके पास अपनी मां की तरह God gifted voice नहीं है। अलका ने भी कभी अपनी बेटी के फैसलों पर रोक टोक नहीं की।

Alka Yagnik Career

Playback singer के रूप में उनकी शुरुआत "थिरकती अंग लचक झुकी" से हुई थी। यह गाना 1979 में आई फिल्म "पायल की झंकार" का है। फिर 1981 में आई फिल्म Laawaris का गाना "मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है" super duper hit हुआ। जिससे उन्हें अच्छी पहचान मिली। 7 सालों के संघर्ष के बाद 1988 में आई film तेज़ाब के गाने "एक दो तीन" को गाने के बाद, पार्श्वगायिका के तौर पर खुद को स्थापित कर लिया। इसी गाने के लिए उन्हें पहला filmfare award मिला था। उसके बाद 1989 में आए "क़यामत से क़यामत तक" में उदित नारायण के साथ गाए। इसके सारे गाने, "गजब का है दिन", "अकेले हैं तो क्या ग़म है" और "ऐ मेरे हमसफ़र" जबरदस्त प्रचलित हुए। इसके बाद उन्हें कई बड़ी फिल्मों में गाना गाने के offer मिले। उन्हें पहला सर्वश्रेष्ठ प्लेबैक सिंगर का राष्ट्रीय पुरस्कार 1994 आई फिल्म "हम हैं राही प्यार के" के लिए मिला। अब तक वे कई awards जीत चुकी हैं।
  • उन्हें 7 बात बार filmfare award मिल चुका है।
  • 2 बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुकी है।
  • 3 zee sine award जीत चुकी है।
तीन दशक के लंबे कार्यकाल में उन्होंने, हिंदी, अवधि, गुजराती, उड़िया, पंजाबी, राजस्थानी, मराठी और अंग्रेजी भाषाओं में गा चुकी हैं। वो अब तक 1,114 फिल्मों में 2,486 हिंदी गाने गा चुकी हैं। इसी कारण उनके सर पांचवीं सबसे ज्यादा गाने, गाने का ताज सजा है। वो लगभग हर बड़े संगीतकारों के साथ काम कर चुकी है।

हमने सारी जानकारी इंटरनेट में मौजूद आंकड़ों के deeply research करने के बाद दी है। फिर भी हम इनके सत्यता का दावा नहीं करते। अगर आपको अलका याग्निक की जीवनी (Alka Yagnik biography in Hindi) में कुछ ग़लत लगा। तो कमेंट कर के जरुर बताए। हम जल्दी ही post update करेंगे।

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