तेरा फितूर – Tera Fitoor Hindi Lyrics And Review | Arijit Singh | Genius

तेरा फितूर – Tera Fitoor Hindi Lyrics And Review | Arijit Singh | Genius

आज हम आपको देने जा रहे हैं Genius Movie का Tera Fitoor Song lyrics and review Hindi में। इस गाने को Arijit Singh ने बेहद खूबसूरती से गाया है। Himesh Reshmiya ने इसका music compose किया है। lyrics Kumaar ने दी है। इसमे Starring Utkarsh Sharma, Ishita Chauhan ने की है। उत्कर्ष शर्मा वही हैं। जिन्होंने Gadar - Ek Prem Katha movie में Jeete का किरदार निभाया था। इशिता चौहान भी एक child artist रह चुकी हैं। और genius उनकी debut film है। तो चलिए पढ़ते है Tera Fitoor Jab Se Chad Gya Re Review hindi में।
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Tera Fitoor Song Review In Hindi

यह इस movie का का पहला गाना है। तेरा फितूर जब से चढ़ गया रे गाना दिल को छू लेने वाला है। इसे सुनने से, एक अजीब सी रूमानियत महसूस होती है। Singer Arijit Singh ने, इसे बड़ी ही खूबसूरती से गाया है। Composer Himesh Reshmiya ने इस गाने में बहुत सारा romance भरा है। इसमे Utkarsh Sharma का किरदार, actres Ishita Chauhan के, किरदार के, प्यार में डूबे दिखाई दे रहे हैं। इस गाने में फिल्मांकन में हमें coladge का सीन दिखाई देे रहा है। दोनों ही नवोदित कलाकारों के बीच की chemistry साफ-साफ देखी जा सकती है। तो चलिए अब पढ़ते है Tera Fitoor Lyrics In Hindi.

Song details

  • Song title: Tera Fitoor
  • Movie: Genius
  • Singer: Arijit Singh
  • Lyrics: Kumaar
  • Music: Himesh Reshmiya
  • Music label: Tips Music

Tera Fitoor Hindi Lyrics

तेरा फितूर जब से चढ़ गया रे
तेरा फितूर जब से चढ़ गया रे
इश्क जो जरा सा था वो बढ़ गया रे
तेरा फितूर जब से चढ़ गया रे

तू जो मेरे साथ चलने लगे
तो मेरी राहें धड़कने लगे
देखूं न इक पल मैं तुम्हें
तो मेरी बाहें तड़पने लगे
इश्क जो जरा सा था वो बढ़ गया रे

तेरा फितूर जब से चढ़ गया रे
तेरा फितूर जब से चढ़ गया रे

हाथों से लकीरे यही कहती है
के जिंदगी जो है मेरी
तुझी में अब रहती हैं

लबों पे अब रहती है मेरे दिल की ख्वाहिश
लफ्ज़ो में कैसे मै बताऊँ
इक तुझको ही पाने की खातिर
सबसे जुदा मै हो जाऊं

कल यक जो ख्वाब थे देखे
तुझमे वो दिखने लगे
इश्क जो जरा सा था जो बढ़ गया रे

तेरा फितूर जब से चढ़ गया रे
तेरा फितूर जब से चढ़ गया रे

सांसो के किनारे बड़े तन्हा थे
तू आके इन्हें छू ले बस
यही तो मेरे अरमां थे

सारी दुनिया से हमे क्या लेना है
बस तुझको ही पहचानूँ
मुझको न मेरी अब खबर हो कोई
तुझसे ही खुद को मै जानू
राते नही कटती बेचैन से होके
दिन भी गुजरने लगे
इश्क जो जरा सा था जो बढ़ गया रे

तेरा फितूर जब से चढ़ गया रे
तेरा फितूर जब से चढ़ गया रे
आ.....

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