ज़ालिमा (अरिजीत सिंह, हर्षदीप कौर) | Song Review

आज हम लेकर आए हैं Raees film का superhit song Zalima lyrics and review पढ़ेंगे। जिसे Arijit Singh और Harshdeep Kaur ने अपनी आवाज दी है। Zalima song lyrics, Amitabh Bhattacharya जी ने लिखे हैं। Music Pritam जी के JAM8 ने दिया है। एक संगीतज्ञ मंच है। जो नए संगीतकारों को प्रोत्साहन देता है। और इस मंच का निर्माण प्रीतम जी ने किया है।
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इस फिल्म में bollywood के बादशाह कहे जाने वाले Shah Rukh Khan जी ने मुख्य अभिनेता का किरदार निभाया है। और मुख्य अभिनत्री का किरदार Mahira Khan जी ने निभाया है। जो कि पाकिस्तान की बहुत ही बड़ी हस्तियों में शुमार है। Raees film का निर्देशन Rahul Dholakia जी ने किया है। अब Zalima lyrics से पहले, Zaalima song review पढ़ लेते हैं।

Review:

2017 के सबसे hit गानों में से एक, यह गाना भी है। गाने का मिजाज बहुत romantic है और रूमानियत से भरा है। गाने की lyrics बहुत अच्छी है। जिसमे उर्दू शब्दों का काफी अच्छा प्रयोग किया गया है। Arijit Singh Zaalima song को काफी अच्छी तरह गाया है। क्यूंकि इस गाने के भावों को बयां करना, उतना आसान नहीं है। जितना सुनने में लगता है। Harshdeep Kaur ने भी अरिजीत का काफी अच्छा साथ दिया है।

गाने के फिल्मांकन की बात करें। तो गाना जितना अच्छा है। इसका फिल्मांकन उतना अच्छा नहीं है। हालांकि location काफी अच्छे चुने गए हैं। इसके बावजूद, फिल्मांकन में वो आकर्षण नहीं है। शाह रुख खान जैसे romantic king होने के बावजूद, romantic seen में वो बात नजर नहीं आती। जो बात गाने को सुनने में महसूस होती है। यानी कि zaalima song सुनने में ज्यादा रोमांटिक है, देखने में नहीं।

Details:

  • Song title: Zalima
  • Singer: Arijit Singh, Harshdeep Kaur
  • Movie: Raees
  • Lyrics: Amitabh Bhattacharya
  • Music: JAM8

Lyrics:

जो तेरी खातिर तड़पे पहले से ही
क्या उसे तड़पाना ओ जालिमा ओ जालिमा
जो तेरे इश्क़ में बहका पहले से ही
क्या उसे बहकाना ओ जालिमा ओ जालिमा (×2)

आँखे मरहवां, बाते मरहवां
मैं सौ मर्तवा, दीवाना हुआ
मेरा ना रहा, जब से दिल मेरा
तेरे हुस्न का निशाना हुआ

जिसकी हर धड़कन तू हो
ऐसे, दिल को क्या धड़काना
ओ जालिमा, ओ जालिमा

जो मेरी खातिर तड़पे, पहले से ही
क्या उसे तड़पाना
ओ जालिमा, ओ जालिमा

साँसों में तेरी नजदीकियों का
इत्र तू घोल दे घोल दे
मैं ही इश्क जाहिर करूँ
तू भी कभी बोल दे

साँसों में तेरी नजदीकियों का
इत्र तू घोल दे घोल दे
मैं ही इश्क जाहिर करूँ
तू भी कभी बोल दे

लेके जान ही जाएगा मेरी
कातिल हर तेरा बहाना हुआ

तुझसे ही शुरू
तुझपे ही खत्म
मेरे प्यार का फसाना हुआ

तू शम्मा है तो याद रखना
मैं भी हूं परवाना
ओ जालिमा ओ जालिमा

जो तेरी खातिर तड़पे पहले से ही
क्या उसे तड़पाना ओ जालिमा ओ जालिमा

दीदार तेरा मिलने के बाद ही
छुटे मेरी अंगड़ाई
तू ही बता दे क्यूँ जालिमा मैं कहलाई

क्यूँ इस तरह से दुनिया जहाँ में
करता है मेरी रुसवाई
तेरा कुसूर और जालिमा मैं कहलाई

दीदार तेरा मिलने के बाद ही
छूटें मेरी अंगड़ाई
तू ही बता दे क्यूँ जालिमा मैं कहलाई
तू ही बता दे क्यूँ जालिमा मैं कहलाई

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